बिहार में शराब का व्यापार, बिक्री एवं सेवन अवैध है | इससे संबन्धित शिकायत इस नंबर पर दर्ज करायें | टोल फ्री नंबर . 15545 या 18003456268.

विभाग के बारे में

 

अवलोकन

उत्पाद एवं मद्य निषेध राज्य के सबसे पुराने विभागों में से एक है और यह राज्य के राजस्व का मुख्य श्रोत था। इस विभाग का मुख्य कार्य स्प्रीट, मद्यसार पदार्थो और छोआ का अनुश्रवण एवं किण्वन तथा विभिन्न प्रकार के कर एवं – शुल्क के द्वारा राजस्व वृद्धि करना था। नई उत्पाद नीति, 2007 दिनांक 01.07. 2007 से लागू हुआ। इस नीति के तहत सभी प्रकार के खुदरा उत्पाद दुकान लॉटरी के माध्यम से बंदोवस्त हुए थे।

राज्य सरकार ने वृत नीतिगत निर्णय लेते हुये दिनांक 01.04. 2016 से देशी शराब/मसालेदार देशी शराब के विनिर्माण, बिक्री और उपभोग पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। भारत निर्मित विदेशी शराब और बीयर को नगर परिषद और नगर निगम क्षेत्र में बी0एस0बी0सी0एल0 के माध्यम से बेचने की अनुमति दी गयी। हालांकि दिनांक 05.04. 2016 से सरकार ने भारत निर्मित विदेशी शराब, विदेश निर्मित विदेशी शराब और बीयर की बिक्री, उपभोग और धारिता पर रोक लगाते हुये सम्पूर्ण राज्य में पूर्ण मद्य निषेध लागू करने का निर्णय लिया है।

बिहार राज्य में मद्य निषेध नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु उत्पाद विभाग के अन्वेषन को मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार ने बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2016 पारित किया है, जिसमें दण्ड के काफी कठोर प्रावधान है और उत्पाद अधिनियम के अंतर्गत अपराध संधानित और जमानती नही होंगे। उत्पाद अधिनियम के उल्लंघन के लिये न्यूनतम दण्ड 5 वर्ष और एक लाख रूपया जुर्माना और अधिकतम दण्ड 10 लाख रूपया जुर्माना के साथ आजीवन कारावास है। सभी प्रकार के शराब की बिक्री धारिता और उपभोग प्रतिबंधित हो गये हैं। बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2016 बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों से पारित है और महामहिम राज्यपाल का अनुमोदन प्राप्त है।

 

समग्र संरचना